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Main Tumhe Phir Milungi: Amrita Pritam ki Aakhiri Kavita Pustak

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‘मैं तुम्हें फिर मिलूंगी’ 2002 में लिखी इस कविता के साथ अमृता के लेखन की उम्र पूरी हो गई। कल तक 84 बरसों से ख़यालों के दरिया में अपनी कश्ती

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‘मैं तुम्हें फिर मिलूंगी’ 2002 में लिखी इस कविता के साथ अमृता के लेखन की उम्र पूरी हो गई। कल तक 84 बरसों से ख़यालों के दरिया में अपनी कश्ती में पलंग पर बैठी कविता लिखती कविता जीती वह जिन्दगी के पांचों दरियाओं को पल−पल पार करती रही…और आजकल वह अपने पलंग पर सांसों के पानियों में डोल रही सिर्फ डोल रही…

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